अपडेट – आज यानि की 20 जुलाई 2017 को राम नाथ कोविंद को भारत के चौदहवें राष्ट्रपति के रूप में चुना गया है |

एक समाज सेवक, एक वकील और एक राज्यसभा सांसद के रूप मे पहचाने जाने वाले वाले राम नाथ कोविंद इस समय बिहार राज्य के राज्यपाल थे | अभी हाल ही मे भारतीय जनता पार्टी ने इनका नाम भारत के अगले राष्ट्रपति के तौर पर आगे किया था | तो आइये एक नज़र डालते है राम नाथ कोविंद के अब तक के संघर्ष की कहानी पर …

राम नाथ कोविंद का जन्म 1 अक्टूबर 1945 को उत्तरप्रदेश के कानपूर देहात जिले के एक छोटे से गांव परौंख में कोली समुदाय में हुआ था | राम नाथ कोविंद अपने 5 भाइयो में सबसे छोटे थे | राम नाथ कोविंद की प्रारंभिक शिक्षा इनके गांव से ही हुयी, उसके बाद इन्होने कानपूर के बी एन एस डी कॉलेज से 12वी तक की पढाई पूरी की और फिर बाद में कानपूर यूनिवर्सिटी से बी कॉम की पढाई कम्पलीट की |

राम नाथ कोविंद अनुसूचित जाति के अंतर्गत आते थे और इनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी लेकिन फिर भी घर वालो ने जैसे तैसे करके इनका एडमीशन डी ए वी कॉलेज में करा दिया जहा पर राम नाथ कोविंद ने खूब मेहनत से वकालत की पढाई की |

बाद में राम नाथ कोविंद दिल्ली चले आये और यहाँ पर IAS की तैयारी में जुट गये, जी तोड़ मेहनत करने के बाद भी रामनाथ कोविंद लगातार दो बार इस परीक्षा में असफल हुए , लेकिन इन्होने हार नहीं मानी और अगली बार पूरी तैयार से IAS एंट्रेंस की परीक्षा दी और इसबार सफल भी हुये |

हालांकि अपनी पसंदीदा पोस्ट न मिलने के कारण इन्होने ये नौकरी नहीं की और दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस करने लगे | राम नाथ कोविंद ने 1975 से लगातार 16 साल दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में लॉ की प्रैक्टिस की और इस दौरान ये केंद्र सरकार के आधिकारिक वकील भी रहे |

फिर राम नाथ कोविंद ने 30 मई 1974 को सविता कोविंद के साथ शादी कर ली जो उस समय टेलीफोन विभाग में काम करती थी |

बाद में बीजेपी के तरफ से राम नाथ कोविंद ने दो बार चुनाव लड़ा लेकिन बदकिस्मती से दोनों ही बार चुनाव हार गये, फिर राम नाथ कोविंद की किस्मत तब खुली जब इन्हे 1994 में पहली बार राज्यसभा के लिए सांसद चुना गया और इनके किस्मत का सितारा कुछ ऐसा चमका की ये लगातार 12 साल तक राज्यसभा के सांसद बने रहे , इस दौरान इन्होने शिक्षा, कानून व्यवस्था और सामाजिक न्याय जैसे कई मुद्दों पर काम किया |

राम नाथ कोविंद की पर्सनल लाइफ हमेशा से थोड़ी अलग रही है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है की वकील रहने के दौरान इन्होने गरीब और दलितों के लिए मुफ्त में कई लड़ाईया लड़ी है और गरीबो की भलाई के लिए इन्होने आना मक़ान गांववालों को दान कर दिया जिसे अब उस गांव में आये हुए बारातियो के निवासस्थान की तरह इस्तेमाल किया जाता है |

तो दोस्तों कुछ ऐसी थी रामनाथ कोविंद जी की Inspiring स्टोरी | नीचे कमेंट करके बताये की ये पोस्ट आपको कैसे लगी और अगर आप हमारे जर्नी को सपोर्ट करना चाहते है तो कृपया इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये, आप ऐसे और भी मोटिवेशनल और इंस्पायरिंग आर्टिकल के लिए इस वेबसाइट को फॉलो कर सकते है फाइनली यहाँ तक पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद !