दोस्तों आज के इस आर्टिकल में मै आपको रवि शास्त्री की बायोग्राफी (Ravi Shastri Biography) और स्ट्रगल स्टोरी के बारे में  (Struggle story of Ravi Shastri) बताऊंगा, तो आइये जानते है रवि शास्त्री के जिंदगी से जुड़े कुछ अनकहे सच…

क्रिकेट भारत में एक धर्म के रूप में माना जाता है और क्रिकेटर्स को भगवान की तरह | भारत में क्रिकेट सिर्फ एक खेल ही नहीं बल्कि उन करोडो लोगो के लिये एक इमोशन है जिनकी क्रिकेट के प्रति दीवानगी अतुलनीय है |

आज भारत के कप्तान रवि शास्त्री को टीम इंडिया कोच की जिम्मेदारी दी गयी है जिसे वो 2019 तक निभाएंगे | रवि शास्त्री का एक गेंदबाज़ से लेकर टीम इंडिया के हेड कोच बनने तक की दिलचस्प रही है तो आइये एक नज़र डालते है रवि शास्त्री के अब तक के संघर्ष की कहानी पर …

रविशास्त्री का जन्म 27 मई 1962 को मुंबई में हुआ , इनका पूरा नाम रविशकर जयाद्रिथा शास्त्री है और इनके पिता का नाम जयाद्रिथा शास्त्री है जो पेशे से एक डॉक्टर है |

शुरुवात से ही इनके पिताजी रविशास्त्री की पढ़ाई पर ध्यान देते थे लें ये बचपन से ही अपना ज्यादा समय कंचे , क्रिकेट और फुटबॉल खेलने में बिताते थे | इनकी शुरुवाती पढाई डॉन बोस्को हाई स्कूल माटुंगा से हुई, जब रवि शास्त्री 9वी कक्षा में थे तब इनकी मुलाक़ात स्कूल के क्रिकेट टीम के कोच देसाई सर से हुयी | जिन्होने इनकी क्रिकेट सिखने में बहुत मदद की, और अब से ही रवि शास्त्री क्रिकेट में अपनी प्रतिभा का हुनर दिखाने लगे | फिर आगे चलकर इन्होने अपने स्कूल टीम की तरफ से खेलकर एक चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती | और उसी समय रवि शास्त्री ने ये ठान लिया कि अब आगे एक अच्छा क्रिकेटर बनकर देश के लिए क्रिकेट खेलना है |

लेकिन आगे जब बात फुल टाइम क्रिकेटर बनने की आयी तो रवि शास्त्री को अपने करीबियों से खुला सपोर्ट नहीं मिला, जिसके लिए रवि शास्त्री ने क्रिकेट के अलावा पर भी हाथ आजमाया लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी |

फिर आगे हायर एजुकेशन के लिए इन्होने आर ए पोद्दार कॉलेज में एडमिशन ले लिया और यहाँ से रवि शास्त्री की जिंदगी का वो सुनहरा मोड़ आया जिसका उन्हें कब से इंतज़ार था | 17 साल की उम्र में इन्हे रणजी ट्रॉफी के लिए चुना गया और ये उस समय रणजी ट्रॉफी में खेलने वाले सबसे काम उम्र के क्रिकेटर थे |

तब से चालू हुआ ये सिलसिला बस चलता ही गया, और रवि शास्त्री ने अपनी शानदार बोलिंग और बैटिंग से भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी सिक्योर जगह बना ली |

रवि शास्त्री ने टीम इंडिया की और से 80 टेस्ट और 150 वनडे खेले है जिसमे साल 1985 के भारत पाकिस्तान मैच को कोई नहीं भुला सकता, जिसमे रवि शास्त्री ने 125 रन की शानदार पारी खेलते हुए पाकिस्तान को हराया था और उस मैच के हीरो बनकर सामने आये थे, इसके अलावा रवि शास्त्री ने इग्लैंड के खिलाफ 9 घंटे और 21 मिनट लगातार बैटिंग करते हुए सबको हैरत में डाल दिया था |

बाद में 31 साल की उम्र में इन्हे घुटने की चोट के कारण क्रिकेट से सन्यास लेना पड़ा और फिर इन्होने साल 1990 के आखिरी में रितु सिंह से शादी की सीट साल 2008 में 46 साल के उम्र में रवि शास्त्री को एक बेटी पैदा हुयी |

2014 में रवि शास्त्री कुछ समय के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के डायरेक्टर बने, इसके अलावा रवि शास्त्री आज टेलीविज़न पर क्रिकेट मैच की कमेंट्री भी करते है और सेलिब्रिटी मैनेजमेंट कंपनी शोदिफ़ वर्ल्डवाइड (Showdiff World Wide ) के हिस्सेदार भी है |

दोस्तों किसे पता था की मुंबई की गलियों में कंचे खेलने वाला एक साधारण सा लड़का अपने सपनो को पूरा करते हुए आज भाइरटिया क्रिकेट टीम का हेड कोच बनेगा |

तो दोस्तों कुछ ऐसी थी रवि शास्त्री की बायोग्राफी (Ravi Shastri Biography in Hindi) | नीचे कमेंट करके बताये की ये पोस्ट आपको कैसे लगी और अगर आप हमारे जर्नी को सपोर्ट करना चाहते है तो कृपया इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये, आप ऐसे और भी मोटिवेशनल और इंस्पायरिंग आर्टिकल के लिए इस वेबसाइट को फॉलो कर सकते है फाइनली यहाँ तक पढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद !