किसी देश की ख़ुफ़िया एजेंसी अपने देश की सुरक्षा के लिए कुछ भी करने को तैयार रहती है और जब हम बात करते है विश्व के ख़ुफ़िया एजेंसियो की तो भारत के रिसर्च एंड एनालिसिस विंग का नाम हमारे ज़ेहन में सबसे पहले आता है जिसे हम आमतौर पर रॉ के नाम से भी जानते है |

भारत के ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ की स्थापना सन 1968 में चीन और पाकिस्तान से युद्ध होने के बाद की गयी थी और तब से रॉ ने न सिर्फ भारत में आतंकवाद को पनपने से रोका है बल्कि पाकिस्तान जैसे कई देशो के नाकामयाब मंसूबो को भी नाकामयाब किया है | रॉ इस काम में इतना सक्षम है कि दुश्मन देश में बिना किसी कार्यवाही की भनक लगे किसी भी काम को अंजाम दे सकता है |

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दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम भारत के इस ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ के बारे में 13 खतरनाक बातें | 13 Dangerous facts about RAW  को जानेंगे जो शायद ही आप लोगो को पता होगा |

Fact No 1- रॉ का गठन 1962 के भारत चीन युद्ध और 1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध के बाद सर्कार द्वारा सुरक्षा की जरूरतों को महसूस करते हुए किया गया था |

Fact No 2- रॉ पर आप RTI नहीं डाल सकते क्योकि सुरक्षा के लिए इसे सुचना के अधिकार कानून से बाहर रखा गया है |

Fact No 3- रॉ के प्रमुखों को प्रधानमंत्री का असली राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मन जाता है और रॉ सीधे तौर पर प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करती है |

Fact No 4- निसंदेह यह एजेंसी दुश्मन देश में बिना किसी कार्यवाही की भनक लगे किसी भी कारनामे को अंजाम दे सकती है |

Fact No 5- आप खुद होकर रॉ में भर्ती नहीं हो सकते जब तक ये ख़ुफ़िया एजेंसी खुद होकर आपके पास न पहुंचे |

Fact No 6- एक रॉ एजेंट का राज किसी को भी नहीं मालूम होता, यहाँ तक कि उसकी पत्नी को भी नहीं मालूम होता कि उसका पति रॉ एजेंट है और रॉ एजेंट का राज उसकी मौत के साथ ही दफ़न हों जाता है |

Fact No 7- रॉ में भर्ती होने के लिए आपकी नागरिकता भारतीय होनी चाहिये, इसके अलावा किसी भी दबाव वाली स्थिति में आत्मविश्वास से काम लेने वाला व्यक्ति ही रॉ एजेंट बन सकता है |

Fact No 8- रॉ विदेशी मामलो, अपराधियों और आतंकियों के बारे में पूरी जानकारी रखती है और अपने देश की सुरक्षा के लिए ये किसी को भी टारगेट बना सकती है |

Fact No 9- रॉ में काम करने के लिए निष्ठां और देश के प्रति वफ़ादार रहना सबसे ज़रूरी है क्योकि रॉ एजेंट्स भारत देश के लिए कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते है |

Fact No 10 –रॉ एजेंट्स को अमेरिका, यूके और इजराइल में ट्रेनिंग दी जाती है ताकि वो खतरनाक परिस्थिति में किसी भी काम को अंजाम दे सके |

Fact No 11- मिशन पूरा होने के बाद एजेंट्स रॉ एजेंसी को छोड़ सकते है बशर्ते उन्हें ज़िदगी भर इस बात को राज़ ही रखना होगा कि वो एक रॉ एजेंट थे |

Fact No 12- दूसरे देश में जाकर वहां का नागरिक बनकर ख़ुफ़िया जानकारिया निकालना अपने आप में ही बहुत जोखिम भरा होता है और कभी किसी ख़तरनाक मिशन पर जाने पर कई सालो तक इनके परिवार वालो को भी नहीं पता होता कि ये कहाँ है |

Fact No 13- अगर कोई एजेंट जासूसी करते हुए किसी भी देश में पकड़ा जाता है तो अपने देश की सरकार उसकी कोई भी सहायता नहीं करती और इस तरह से देश के लिए क़ुरबानी देने वालो को मरने के बाद अपने ही देश की मिट्टी तक नसीब नहीं होती है, भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के किसी भी देश के जासूस का दुश्मन देश में पकडे जाने पर यही हश्र होता है |

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